Friday, March 7, 2014

आज का श्लोक, ’स्थितौ’ / 'sthitau'

आज का श्लोक, ’स्थितौ’ / 'sthitau
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’स्थितौ’ / 'sthitau' - बैठे हुए दोनों (श्रीकृष्ण और अर्जुन) ने ।
अध्याय 1, श्लोक 14,
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ततः श्वेतैर्हयैर्युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ
माधवः पाण्डवश्चैव दिव्यौ शङ्खौ प्रदध्मतुः ॥
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(ततः श्वेतैः हयैः युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ
माधवः पाण्डवः च-एव दिव्यौ शङ्खौ प्रदध्मतुः ॥)
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भावार्थ :
तब सफेद अश्वों से युक्त एक विशाल रथ में बैठे हुए श्रीकृष्ण और अर्जुन ने भी अपने दिव्य शङ्खों का घोष किया ।
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’स्थितौ’ / 'sthitau', - seated both (shrIkRShNa and arjuna).
Chapter 1, shloka 14,
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tataH shvetairhayairyukte
mahati syandane sthitau |
mAdhavaHpANDavashchaiva
divyau shankhau pradadhmatuH ||
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Meaning :
Then, shrikrishna and arjuna (both) seated in the magnificent chariot with white horses yoked to it, both blew their own celestial conchs.
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